इलेक्ट्रिक वाहनों में क्यों आँग लग रही है। हिंदी न्यूज़।

बीते कुछ महीनो में इलेक्ट्रिक वहिक्ले में आँग लगने की कई घटना सामने आई है इन मामलों में लोगो में EV को लेकर दर या घबराहट ना फेल जाए इसके लिए अब सरकार का इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्टिंग के नए नियम बनाने पर काम कर रही है,इस के तहत वहिक्ले में इस्तेमाल होने वाली बेट्टेरी मैनजमेंट और सेल्ल को लेकर नियम में बदलाव किये जायेगे।

इसकी शुरुवात करते हुए सरकार ने जिन्ह इलेक्ट्रिक वहिक्ल कंपनी में आँग लगी थी, उनसे बात करना शुरू कर दिया है। ओकिनावा, ओला, जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीक्ल और प्योर EV व्हीक्ल में भविस्य में आँग लगने की घटना को रोकने के लिए कदम उठाने की सलाह दी है जा रही है।

इन घटनाओ मधय नजर सरकार जल्द ही EV मनुफैक्ट्रिंग को नियम पालन को लेकर निर्देश जारी कर सकती है, दरहसल देश के अलग अलग हिस्सों में तीन हप्तो से भी काम समय में इलेक्ट्रिक व्हीक्ल में आँग लगने की काम से काम ६ घटना सामने आई है। ९ अप्रैल को शाह समूह के जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीक्ल के ४० इलेक्ट्रिक स्कूटर में नाशिक में ट्रांसपोर्ट कंटेरनेर लग गई।

२६ मार्च को पुणे में ओला इलेक्ट्रिक के S1 Pro मॉडल और तमिंलनाडु के वेलोर में ओकिनावा के प्रंज प्रो मॉडल में आँग लगने की घटना हुई,२८ मार्च को तमिनाडु के त्रिची से १ घटना की सुचना मिली थी, २९ मार्च को चेन्नई में एक घटना में प्योर EV के इलेक्ट्रिक स्कूटर में आँग लगा गई थी। ओकिनावा ने अपने ३ हजार से ज्यादा स्कूटर को रेकॉल किया है।

केंद्र मंत्री नितिन गडकरी ने EV में आँग के मामले लोकशाभा आशंका जटाहि थी की वहज ज्यादा तापमान भी है फिर भी उन्होंने आँग लगने की वजह पता लगाना का भरोसा दिया था, जिसके लिए फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है, उन्होंने ये भी कहा था की आँग लगाने की वजह पता चलने पर उसके बाद सरकार एक्शन लेगी।

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